भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 223 उस प्रक्रिया को स्पष्ट करती है जिसे मजिस्ट्रेट को किसी शिकायत का संज्ञान लेते...
न्यायालय ने कहा कि महिला ने विवाहेत्तर यौन संबंध बनाकर स्वयं अपराध किया है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में प्रेम संबंध...
राजस्थान,कलेक्टर कोटपूतली जिला कोटपूतली-बहरोड़ और मुख्य शासन सचिव पर उपभोक्ता आयोग में परिवाद संख्या -50/2025 से मामला दर्ज किया था जिसमें आरटीआई...
सूचना न दिए जाने के कारण पंचायत समिति लाडनूं के विकास अधिकारी के खिलाफ अब जिला उपभोक्ता आयोग, नागौर में परिवाद लाडनूं...
महाराष्ट्र लीगल एम्बिट के स्टेट प्रेसिडेंट आसिफ खान की शिकायत पर हुई कार्रवाई. नई दिल्ली / झुंझुनूं (07 जुलाई 2025) — राष्ट्रीय...
10 साल बाद भी देश की संसद के पास RTI पोर्टल नहीं है 1 जुलाई 2015 को प्रधानमंत्री द्वारा डिजिटल इंडिया मिशन...
पुलिस विभाग में किसी भी प्रकार की शिकायत/फरियाद देने के बाद गिरफ्तारी के बाद मानव अधिकार का हनन न हो इस लिये...
राज्य के दस्तावेजों से संबंधित कानून, स्पष्ट कारणों से, अभिलेखागार और अभिलेखीय अभ्यास के लिए हमेशा विशेष महत्व रखते हैं। और उन...
अगर पुलिस किसी आरोपी को अपराध सिद्ध होने से पहले ही अपराधी की तरह मीडिया में प्रस्तुत करती है, तो यह भारतीय...
पुलिस सुधार : क़ानून कुछ राज्यों में, लोकतंत्र अभी भी इंतज़ार में भारत में पुलिस सुधार कोई नया विचार नहीं है।
दस्तावेजों तथा अभिलेखों से कथित छेड़छाड़ से संबंधित बड़ी कानूनी कार्रवाई: कोटपूतली थाने में एफआईआर दर्ज, कई गंभीर धाराएँ शामिल
लोक सेवकों के विरुद्ध शिकायत के लिए शपथ पत्र अनिवार्य-सुप्रीम कोर्ट
RTI का उल्लंघन : जब सूचना रोकी जाती है, तो कानून आवेदक के साथ खड़ा होता है
RTI कार्यकर्ताओं पर धमकी व उत्पीड़न : अपराध, धाराएँ और न्यायिक संरक्षण
दोषी सिद्ध नहीं होने तक आरोपी ही माना जाता है, फोटो जारी करना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उल्लंघन – राजस्थान हाईकोर्ट
वर्दी की मर्यादा टूटी: हाईकोर्ट में अधिवक्ता के चैम्बर में दबिश, 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड; दो मुकदमे दर्ज.
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री के द्वारा शासकीय स्वैच्छिक अनुदान की राशि को अपात्र और अपने ही शुभचिंतकों को देकर शासन को गंभीर आर्थिक क्षति पहुंचाई
झूठी FIR पर कार्रवाई इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने शिकायतकर्ताओं और गवाहों के खिलाफ कार्रवाई अनिवार्य की
महिला-वकील की ब्लैकमेलिंग ने बेटे की जान ली, ऐसे धंधे वालों के लिए कानून क्यों नहीं?