सुचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगने पर अपील के बाद भी अफसरों ने सुचना नही दी ! इस पर आवेदन...
RTI के माध्यम से मिली जानकारी अनुसार बैंक का डेबिट कार्ड धारक को पर्सनल एक्सीडेंटई इंश्योरेंस भी बैंक की ओंर से मिलता...
भारत में कानून की अवहेलना करना अब पड सकता है भारी RTI कार्यकर्ता ने किया शुरुआत अब होगी अपील नही सीधे मुकदमें...
राजस्थान परिवहन निगम मे फर्जी टिसी लगा कर नोकरी लगा जब RTI ख़ुलासा हुआ तो RTI कार्यकर्ता के पिता पर हि फर्जी...
यदि इसके तहत आपको वांछित सूचना नहीं मिल पाई? सूचना आयोग ने भी आपको समुचित राहत नहीं दी बल्कि आपकी अपील को...
आरटीआई कानून 2005 की धारा 5 को लेकर लोक सूचना अधिकारियों के विधिक दायित्व और सूचना आयोग की शक्तियों के विषय में...
सुचना उपलब्ध न होने पर प्रथम अपील, और दूसरी अपील में जाने से अच्छा कानून के तहत आवदेन करें और चाहिए गई...
પોલીસ સ્ટેશનમાં હવે અરજીઓ નહીં, સીધી જ એફ.આઇ.આર. થશે અવારનવાર પોલીસ સ્ટેશનમાં જનતા જનાર્દનની કાયદાકીય ફરિયાદો, એફ.આઇ.આર. ના લઈ તેમને અરજી કરવા...
लोकतंत्र एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रत्येक भारतीय को नागरिक के रूप में सरकार की आलोचना करने का अधिकार है और इस प्रकार...
सूचना आयोगों द्वारा एक्टिविस्ट को ब्लेकलिस्ट करने संबंधी आदेशों पर चर्चा
RTI से संबंधित कोर्ट के निर्णय
9 अधिकारियों सहित 107 पर लोकायुक्त ने दर्ज की FIR
फर्जी साक्ष्य लगाने में सीओ समेत 10 पुलिसकर्मी भी फंसे,मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दायर याचिका पर जांच के दिए आदेश
धारा 41ए, सीआरपीसी या धारा 35, बीएनएसएस में ऐसे अभियुक्तों को पुलिस के समक्ष उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी करने का प्रावधान व्हाट्सएप का विकल्प के रूप में उपयोग नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
FIR किस प्रकार लिखे जानकारी प्राप्त कीजिये लीगल अम्बिट टीम सीईओ & फाउडर :-महावीर पारीक से
पुलिस से घबराए नही, डरे नही संयमित रहे और अपने हक के लिए मांग करे।
पुलिस अधिनियम 2007 : 2007 अक्टूबर 30 को सुप्रीम कोर्ट व् राजस्थान गवर्नर ने यह अधिनियम राजस्थान(भारत) में पारित कर दिया था !
चेतना रेस्क्यू ऑपरेशन अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग के राष्ट्रीय प्रभारी राव धनवीर सिंह ने आरटीआई अधिनियम के तहत आवेदन
सभी पुलिस स्टेशनों के हर कमरे में ऑडियो सुविधा के साथ सीसीटीवी कैमरा होना चाहिए, किसी भी चूक को अवमानना माना जाएगा: एमपी हाईकोर्ट