थानाधिकारी को FIR दर्ज नहीं करना कितना महंगा पड़ सकता है, यह इस घटनाक्रम से देखिये किस प्रकार एक फरियादी अपने परिवाद...
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाते हुए कहा कि पुलिस थानों में CCTV से जुड़े सभी मुद्दे दो सप्ताह में...
भारत को शोषण-मुक्त राष्ट्र बनाना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। आधुनिक उपभोक्ता युग में जागरूकता ही सबसे बड़ा संरक्षण है। जब उपभोक्ता...
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने अपने अहम आदेश में कहा है कि सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत...
कोर्ट ने कहा कि मई 2021 में डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी एसओपी में फुटेज के रखरखाव का निर्देश...
सुप्रीम कोर्ट ने प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ (2006) में लगभग दो दशक पहले यह साफ़ कर दिया था कि पुलिस व्यवस्था...
Legal Ambit के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा RTI के तहत मांगी गई सूचनाओं, प्रमाणित सरकारी दस्तावेजों तथा अभिलेखों से कथित छेड़छाड़ से संबंधित...
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 175(4) के तहत किसी लोक सेवक (public servant)...
(CIC, High Court एवं Supreme Court के आवेदक-पक्षीय न्यायिक निर्देशों के आलोक में) सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 किसी अधिकारी की सुविधा...
RTI कार्यकर्ता द्वारा सूचना मांगना कोई निजी विवाद नहीं, बल्कि लोकहित में संवैधानिक दायित्व का निर्वहन है। ऐसे कार्यकर्ता को धमकाना, डराना...
थानाधिकारी को FIR दर्ज नहीं करना कितना महंगा पड़ सकता है यह नजीर देखिए
पुलिस थानों में CCTV लगाने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र ने दो हफ्ते में समाधान का दिया भरोसा
जागरूक बनें और दूसरों को जागरूक बनाएं,जागरूक उपभोक्ता ही सफल उपभोक्ता
MP High Court: लोक सेवकों के वेतन की जानकारी आरटीआई में देना अनिवार्य, हाईकोर्ट का अहम आदेश 👇
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने यूपी के मुख्य सचिव को पुलिस स्टेशनों में खराब CCTV कैमरों की जांच करने को कहा
पुलिस सुधार : क़ानून कुछ राज्यों में, लोकतंत्र अभी भी इंतज़ार में भारत में पुलिस सुधार कोई नया विचार नहीं है।
दस्तावेजों तथा अभिलेखों से कथित छेड़छाड़ से संबंधित बड़ी कानूनी कार्रवाई: कोटपूतली थाने में एफआईआर दर्ज, कई गंभीर धाराएँ शामिल
लोक सेवकों के विरुद्ध शिकायत के लिए शपथ पत्र अनिवार्य-सुप्रीम कोर्ट
RTI का उल्लंघन : जब सूचना रोकी जाती है, तो कानून आवेदक के साथ खड़ा होता है
दोषी सिद्ध नहीं होने तक आरोपी ही माना जाता है, फोटो जारी करना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उल्लंघन – राजस्थान हाईकोर्ट