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9 अधिकारियों सहित 107 पर लोकायुक्त ने दर्ज की FIR

नाबालिगों के नाम जारी किया बांध निर्माण का विस्थापन भत्ता

शासन को लगाई 5.85 करोड़ की चपत.

उज्जैन लोकायुक्त ने बांध निर्माण में विस्थापित लोगों को दिए जाने वाले पुनर्वास भत्ते में बच्चों के नाम से 5-5 लाख रुपए निकालने के मामले में 107 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। इनमें 9 अधिकारी भी शामिल हैं। जिन्होंने लोगों के साथ मिलकर शासन को 5 करोड़ से अधिक का नुकसान पहुंचाया था।

मध्य प्रदेश में राजगढ़ और आगर-मालवा जिलों के बीच कालीसिंध नदी पर 3448 करोड़ रुपए की लागत से कुंडलिया बांध परियोजना का निर्माण किया गया है। जिससे 1,30,639 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जा सकेगी। नलखेड़ा ग्राम भण्डा-वद में सन 2017 में कुंडलिया बांध का निर्माण स्वीकृत हुआ था। बांध निर्माण की जद में आ रहे लोगों का विस्थापन किया जाना था। जिसके अंतर्गत 18 वर्ष से अधिक उम्र के पुरूष एवं 18 वर्ष से अधिक उम्र की अविवाहित महिलाओं को विस्थापन हेतु 5 लाख रुपए विशेष पुनर्वास भत्ता तय किया गया था।

मध्य प्रदेश के राजगढ़ और आगर-मालवा ज़िलों के बीच कालीसिंध नदी बहती है

इस नदी पर कुंडालिया डैम बना है. यह डैम सिंचाई के लिए बना है. 

कालीसिंध नदी की खास बातें 

  • कालीसिंध नदी, गंगा बेसिन में चंबल नदी की सहायक नदी है.
  • यह मालवा क्षेत्र के एक बड़े हिस्से से होकर बहती है.
  • मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में बहने वाली यह सबसे बड़ी नदी है.
  • इसकी मुख्य सहायक नदियां परवन, निवाज, और आहू नदियां हैं.

कुंडालिया डैम की खास बातें 

  • कुंडालिया डैम, कालीसिंध नदी पर बना है.
  • इस डैम से सिंचाई के लिए पानी मिलता है.
  • इस डैम का निर्माण कार्य दिसंबर, 2018 में पूरा हुआ था.
  • इस डैम से राजगढ़ और आगर-मालवा ज़िलों के कई गांवों में सिंचाई की जाती है.
  • इस डैम से भूमिगत पाइप लाइन बिछाकर कृषकों के खेतों में पानी पहुंचाया जाता है
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दस्तावेज में हेराफेरी कर लिया भत्ता

लोकायुक्त डीएसपी राजेश पाठक ने बताया कि भत्ता पाने वाले लोगों के आवेदनों और पहचान एवं उम्र संबंधी आवश्यक दस्तावेजों की जांच, महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, राजस्व निरीक्षक, पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की संयुक्त कमेटी द्वारा की जानी थी। ग्राम भण्डा-वद के लोगों द्वारा 9 अधिकारियों के साथ साठगांठ कर अपने 18 वर्ष से कम उम्र के अवयस्क बच्चों के आवेदन पत्र के साथ पहचान एवं उम्र संबंधी दस्तावेज अंक सूची, आधार कार्ड, में काट-छांट कर अवयस्क बच्चों को वयस्क दर्शा कर उक्त कमेटी के अधिकारियों, बिचौलियों के साथ नियम विरूद्ध पांच-पांच लाख रुपए का गैरकानूनी लाभ प्राप्त किया गया।

बिना जांच के 5.85 करोड़ का भुगतान

कमेटी द्वारा दस्तावेज की जांच नहीं की गई। जिसके कारण कुंडलिया डैम विस्थापन के विशेष पुनर्वास भत्ते के तहत अपात्र अवयस्क हितग्राहियों को अवैध रूप से 5.85 करोड़ का भुगतान प्राप्त हुआ। मामले में उज्जैन लोकायुक्त ने 9 अधिकारियों सहित बिचौलिए एवं हितग्राहियों सहित कुल 107 लोगों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन अधिनियम 2018) की धारा-7ब 13 (1), 13 (2) एवं भारतीय दंड विधान की धारा 409,420,467,468,471,120-बी के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की है।


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