Blog

सरपंच व ग्राम विकास अधिकारी व एक पुलिसकर्मी के खिलाफ न्यायालय के आदेश से मुकदमा दर्ज

सरकारी दस्तावेज मे राष्ट्रीय चिन्ह का मोनोग्राम उपयोग करने पर

सूचना अधिकार अधिनियम के तहत सुचना देते समय लेटरपेड पर राष्ट्रीय चिन्ह का मोनोग्राम का प्रिंटिंग कर देने पड़ा संरपच और ग्राम विकास अधिकारी और फरियाद करने पर पुलिस कार्यवाही न करने पर कोर्ट के आदेश से थानान्तर्गत मुकदमा दर्ज किया गया.

न्यायालय श्रीमान न्यायिक मजिस्ट्रेट महोदय लाखेरी जिला बून्दी। परिवादी शेख नजर मोहम्मद आयु 60 वर्ष आत्मज फेज मोहम्मद जाति मुसलमान लमान निवासी साई जी का तकिए के पास वार्ड नम्बर 2 लाखेरी जिला बून्दी (राज०) बनाम 1. श्रीमती सावित्री मीणा सरपंच ग्राम पंचायत बलकासा तहसील के० पाटन जिला बून्दी (राज०) 2. दुर्गाशंकर मीणा ग्राम विकास अधिकारी ग्राम बलकासा तहसील के पाटन जिला बून्दी (राज०) 3. डालचन्द हेडकानि० 77 थाना कापरेन जिला बून्दी (राज(0) अपराध अन्तर्गत धारा 11 भारत के राज्य प्रतीक (उपयोग की विनियमन) 2007 एवं धारा 167, 170, 420,465, 467, 468, 471 भा०द०स०, मान्यवर महोदय, परिवादी की और से निम्नलिखित परिवाद प्रस्तुत है कि

1-परिवादी जाबाज पत्रिका का पत्रकार है और जनहित व राजहित को ध्यान में रखते हुयें जनता के हितो की रक्षा हेतु एवं उनके अधिकारो की रक्षा करता है।

2. यह कि परिवादी ने आर.टी.आई. के तहत जनवरी 2016 से सुचना देने तक की गोस्वारा रजिस्टर की प्रमाणित प्रति उपलब्ध करवाने हेतु मुलजिम संख्या 2 को आवेदन किया तो मुलजिम संख्या 2 के द्वारा अपने पत्र कमांक दिनांक 11-10-2021 को परिवादी को अपने लेटरपेड पर जवाब प्रस्तुत किया। उस लेटरपेड पर राष्ट्रीय चिन्ह का मोनोग्राम अशोक स्तम्भ अंकित है। उक्त राष्ट्रीय चिन्ह मोनोग्राम पर अशोक स्तम्भ लगाने का मुलजिम संख्या 1 व 2 को अधिकार नहीं है।

3. यह कि परिवादी ने मुलजिम संख्या 2 के विरुद्ध दिनांक 30.12.2021 को श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय बून्दी को रिपोर्ट की गई कि ग्राम पंचायत बलकासा जिला बून्दी के ग्राम विकास अधिकारी ने अपने पत्रांक दिनांक 11-10-2021 से मुझे अपने लेटर पेड पर जवाब प्रस्तुत किया उस लेटर पेड पर राष्ट्रीय चिन्ह का मोनोग्राम अशोक स्तम्भ अंकित है और मुलजिम संख्या 2 के द्वारा द स्टेट सिम्बल ऑफ इण्डिया के तहत अपराध किया है और राष्ट्रीय चिन्ह के दुरुप्योग को रोकने हेतु परिवाद पेश किया गया। जिस पर उक्त परिवाद को पुलिस थाना कापरेन में जॉच हेतु भेजा गया।

जिसकी जॉच मुलजिम संख्या 3 के द्वारा की गई और मुलजिम संख्या 2 के द्वारा थाना अधिकारी पुलिस थाना कापरेन में एक रिपोर्ट दी गई। जिसमें अशोक स्तम्भ का मोनोग्राम की जानकारी नही होना बताया और उसके द्वारा मुलजिम संख्या 1 सरपंच महोदया से लेटरपेड पर राष्ट्रीय चिन्ह मोनोग्राम लगा होने के सम्बन्ध में बातचीत की तो भुलवश मोनोग्राम लगाना होना बताया है। इसी प्रकार मुलजिम संख्या 1 के द्वारा भी थाना कापरेन में दिनांक 13-01-2022 को अपने लेटपेड पर एक रिपोर्ट दी की मेरे कार्यालय के लेटपेड पर राष्ट्रीय चिन्ह (अशोक स्तम्भ) को मोनोग्राम लगा हुआ था। जो मैने जानबुझकर नही लगाया था। यह लेटर पेड पर मोनोग्राम प्रिटिंगप्रेस वाले ने लगा दिया था।

4. यह कि परिवादी द्वारा इस सम्बन्ध में लोकायुक्त महोदय सचिवालय जयपुर में भी दिनांक 07-03-2022 को शिकायत की गई और उक्त शिकायत पर भी कोई कार्यवाही नही हुई तथा मुलजिम संख्या 3 के द्वारा जो जॉच की गई वह जॉच दुर्भावना पूर्वक मुलजिम संख्या 1 व 2 से मिलीभगत कर बनाई गई तथा मुलजिम संख्या 3 के द्वारा जॉच में यह लिखा की अपरिवादीगण द्वारा पेश प्रार्थना पत्र से मामला भुलवश लेटरपेड पर राष्ट्रीय चिन्ह (अशोक स्तम्भ) का मोनोग्राम होना पाया गया जिसको हटवा दिया गया है एवं भविष्य में ऐसी पुनरावृति नही होने बाबत् लिखित में देने से परिवाद को शामिल फाईल करवाया गया और मुलजिम संख्या 3 के द्वारा मुलजिम संख्या 1 व 2 का अपराध प्रमाणित होते हुयें भी उनको बचाने के उदेश्य से गलत जाँच रिपोर्ट तैयार की जिसको श्रीमान् जिला पुलिस अधीक्षक महोदय बून्दी को दिनांक 23-06-2022 को पेश की गई है। मुलजिम संख्या 1 व 2 के द्वारा अपना अपराध कबुल करने के बावजुद भी उनके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही नहीं की गई, ना ही उक्त मामले में मुलजिमान के विरूद्ध प्रथम सुचना रिपोर्ट दर्ज की गई।

5. यह कि अभियुक्तगण ने प्रारम्भ से ही अपनी दुषित मंशा से एवं उक्त संप्रतीक चिन्ह अशोक स्तम्भ का गैर कानूनी रूप से लेटर हेड पर अवैधानिक रूप से इस्तेमाल उपप्रयोग करने हेतु अणपराधिक योजना तैयार करके कुटरचित दस्तावेज बना डाला जो भारत का राज्य संप्रतिक (प्रयोग का विनीयम) नियम 2007 के नियम 10 का उल्लंघन है तथा जो केन्द्रीय सरकार भारत का राज्य संप्रतिक (अनुचित प्रयोग प्रतिषेध) अधिनियम 2005 की धारा 11 के अधीन है।

6. यह कि अभियुक्तगण ने इस संप्रतिक चिन्ह का विभिन्न दस्तावेजो में गैरकानूनी रूप से उपयोग करके भारत सरकार के विरूद्ध कार्य किया है। जो भारी मात्रा में कुटरचित दस्तावेज बनाये है वे अभी भी अभियुक्तगण के कब्जे में है और उन्हें असली की तरह प्रयोग में ले रहे है। यदि उक्त दस्तावेज अभियुक्त से तत्काल बरामद नही किये तो उनके अवैधानिक उपयोग एवं प्रयोग से भारत सरकार की प्रतिष्ठा धुमिल हो सकती है।

7. यह कि इस पर परिवादी की और से एक लिखित रिपोर्ट श्रीमान् पुलिस अधीक्षक महोदय बून्दी को दिनांक 30-12-2021 को की गई। लेकिन उस पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई तो दिनांक 07-03-2022 को लोकायुक्त महोदय सचिवालय में रिपोर्ट की गई और आई.जी. साहब महानिदेशक पुलिस जयपुर को भी रिपोर्ट की गई। लेकिन उस पर भी कोई कार्यवाही नही की गई। तो सुचना के अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत परिवादी को दिनांक 23.11.2022 को लोकायुक्त सचिवालय से पत्र प्राप्त हुआ । लेकिन मुलजिमान के विरूद्ध कोई कार्यवाही नही होने से परिवादी श्रीमान् के समक्ष उक्त परिवाद प्रस्तुत करता है।

8. यह कि मुलजिम का उक्त कृत्य भा०द०स० की अपराध अन्तर्गत धारा 11, भारत के राज्य प्रतीक (उपयोग की विनियमन) 2007 एवं धारा 167, 170, 420, 465, 467, 468, 471 भा०द०स० के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध है और मुलजिमान को उनके कृत्य की सजा दिलाई जावें।

9. यह कि उक्त परिवाद को सुनने का श्रवणाधिकार प्राप्त है।

10. यह कि उक्त परिवाद श्रीमान् के न्यायालय में निश्चित न्यायशुल्क व तावाहान के साथ प्रस्तुत है। अतः श्रीमान से निवेदन है कि मुलजिमान के विरुद्ध अपराध धारा 11, भारत के राज्य प्रतीक (उपयोग की विनियमन) 2007 एवं धारा 167, 170, 420, 465, 467, 468, 471 भा०द०स० के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज करवाया जाकर के 156 (3) मे भिजवाया जाकर के निष्पक्ष जांच व अनुसंधान किया जाकर मुलजिमान को उनके कृत्य की सजा दिलवाई जाने की आज्ञा प्रदान करें।

परिवादी शेख नजर मोहम्मद आयु 60 वर्ष आत्मज फेज मोहम्मद जाति मुसलमान निवासी साई जी का तकिए के पास वार्ड नम्बर 2 लाखेरी जिला बून्दी मो.नं.

थाना कापरेन जिला बून्दी राज. दिनांक 25.11.2024 समय 3.57 पीएम -कार्यवाही पुलिस – प्रमाणित किया जाता है कि उक्त इस्तगासा न्यायालय श्रीमान जे.एम. के. पाटन जिला बून्दी से अन्तर्गत धारा 156 (3) सीआरपीसी मे फरियादी शेख नजर मोहम्मद आयु 60 वर्ष आत्मज फेज मोहम्मद जाति मुसलमान निवासी साई जी का तकिए के पास वार्ड नम्बर 2 लाखेरी जिला बून्दी का प्राप्त हुआ। मजमून इस्तगासा से मामला जुर्म अपराध धारा 11, भारत के राज्य प्रतीक (उपयोग की विनियमन) 2007 एवं धारा 420, 465, 467, 468, 471, 167, 170 आईपीसी का वकु मे आना पाया जाने पर प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान बजिम्मे स्वयं लिया जाकर मशरुफ अनुसंधान हुआ । प्रतियां एफआईआर सीसीटीएनएस पर प्रविष्टी उपरान्त नियमानुसार जारी की गई।

F.I.R. की नकल कोपी.

FIR27549018240171

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

To Top