लीगल अम्बिट के साथियो को भारत मे बने पुलिस एक्ट (अधिनियम)2007 या कई राज्यो में सत्र आगे पीछे हो सकता है!
पुलिस मिशन के तहत हमें सुचना के अधिकार 2005 के तहत पुलिस थानो के दस्तावेजो के लिए पुलीस अधीक्षकों /कमिशनरो से आम नागरिकों को मिले कानूनों (सूचना अधिकार 2005, भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के तहत दस्तावेजो पर कार्य करना है
जो मुख्यत: तीन मुद्दो पर केंद्रित रहेगा :
(A) पुलिस अधिनियम 2007 ( पुलिस जबाब देहि समितियां, CLG आदि)
(B) पुलिस आधुनिकीकरण व्
(C) अपराध की रोकथाम !
दोस्तों ! #LEGAL_AMBIT अभियान की मूल अवधारणा है कि हमें अपने विभागों की व्यवस्थाओ को देखना, समझना व् उनमे सुधार करवाना है ! अभी वर्तमान में पुलिस विभाग में उपरोक्त तीन मुद्दे सबसे महत्वपूर्ण है ! इन पर सही से कार्यवाही हो जाएगी तो बाकि सारी समस्याए अपने आप खत्म हो जाएगी मतलब यह पुलिस का डर खत्म हो जायेगा और हमारी पुलिस….. !
मेरे मित्रो ! मै आज थोड़ा सा पुलिस अधिनियम 2007 (POLICE ACT 2007 ) के बारे में आपको बता देता हूँ ताकि आपको भी पता चले कि यह कितना महत्वपूर्ण है हम सब के लिए…अपनी पुलिस व्यवस्था के लिए और हमारी सरकार ने अभी तक इसे पूर्ण रूपेण लागू नहीं किया !
2007 अक्टूबर 30 को सुप्रीम कोर्ट व् राजस्थान गवर्नर ने यह अधिनियम राजस्थान(भारत) में पारित कर दिया था !
अधिनियम के मुख्य बिंदु :
A अधिनियम की धारा 28 (राजस्थान्)के अनुसार police establishment board का गठन करना है जिसके मुख्य कार्य recruitment of constables , transfer of police officers , पुलिस वालो की समस्याओ को दूर करना !
B. अधिनियम की धारा 48 के अनुसार गाँव स्तर पर village guard लगाना जो गाँव में कोई असामाजिक घटना हो तो तुरंत उसको रोका जाये !
C. Police accountability के लिए राज्य स्तर व जिला स्तर पर स्टेट कमिटी व डिस्ट्रिक्ट कमिटी बनाई जावे व इन committees के सदस्य कोई भी पोलिटिकल पार्टी से नही होंगे ! ये committees कोई भी serious misconduct होने पर उपर्युक्त सही निर्णय लेगी !
D. अधिनियम की धारा 55 के अनुसार थाने स्तर व पंचायत स्तर पर community liaison group (CLG ) का गठन !
अब आपको हम यह भी बता दे कि इस अधिनियम का क्या हाल हुआ है तो ताजुब की बात यह है दोस्तों की अभी तक डेढ़ दशक से ज्यादा हो गए है इस अधिनियम को आये हुऐ और इसे अभी तक धरातल पर लागु नहीं किया गया ! [राजस्थान में] CLG का काम थोड़ा बहुत किया लेकिन वो भी सही नही किया ! CLG members में वो ही सदस्य होने चाहिए जो समाज सेवक हो जिन पर कोई क्रिमिनल केस नही हो और वो किसी पार्टी का मेंबर नही हो ! ज्यादातर मेंबर्स पोलिटिकल approach वालो को बना दिया !
बहुत ही महत्वपूर्ण बात ट्रांसफर पालिसी , जो अभी कोई भी नेताजी फोन करते है कि उसका ट्रांसफर कर दो तो इस अधिनियम के अनुसार किसी अधिकारी का ट्रांसफर 2 साल पहले बिना कोई ठोस वजह के नही होगा ! होगा तो भी कमिटी के निर्णय के अनुसार ! तो नेताजी कि POWER (पावर) खत्म ! तो पुलिस वाले भी अपना काम सही ढंग से करेंगे !
अभी सबसे ज्यादा पोलिटिकल pressure की वजह से सही काम नही कर पाती हमारी पुलिस !
तो मित्रो ! हमारी प्राथमिकता है कि पुलिस एक्ट 2007 को ठीक तरह से राज्यो में लागू करवाना ताकि पुलिस सिस्टम में सुधार हो !
जय हो !
महावीर पारीक,खींवज
सीईओ & फाउंडर, लीगल अम्बिट

