पूर्व चेयरमैन, उनके पुत्र व अन्य के खिलाफ पुलिस थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट.
डॉ. जितेंद्र सिंह सड़क किनारे खड़े होकर कुछ लोगों से बात कर रहे थे. तभी आरोपी औरर उसका परिवार मौके पर पहुंचा और उन्होंने अचानक से हमला कर दिया.
झुंझुनूं जिले के सुल्ताना कस्बे में आरटीआई कार्यकर्ता डॉ. जितेंद्र सिंह पर दिनदहाड़े हमला हो गया. हमले के दौरान डॉ. जितेंद्र सिंह ने पास की एक दुकान में घुसकर अपनी जान बचाई. जानकारी के अनुसार, पूर्व चेयरमैन घीसाराम सहित दो दर्जन से अधिक लोगों ने एकजुट होकर डॉ. जितेंद्र सिंह पर हमला किया. हमलावरों ने उन्हें घेरकर मारपीट करने का प्रयास किया. पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका फुटेज सामने आया है. पुलिस ने डॉ. जितेंद्र सिंह से घटना को लेकर विस्तृत जानकारी ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है. मामला सरकारी भूमि पर अतिक्रमण से जुड़ा बताया जा रहा है. अवैध कब्जे के खिलाफ जितेंद्र सिंह ने कोर्ट में याचिका लगाई थी. उसकी याचिका पर एक्शन होने के बाद आरोपियों ने यह कदम उठाया.
कस्बे के जोहड़ से अतिक्रमण हटाने से जुड़ा विवाद हिंसक हो गया। राजस्थान हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर करने वाले डॉ. जितेंद्र सिंह शेखावत के साथ गुरुवार सुबह कुछ लोगों ने मारपीट की। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग उन पर हमला करते दिखाई दे रहे हैं।
जानकारी के अनुसार डॉ. जितेंद्र सिंह शेखावत गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे अपने घर से मंदिर जा रहे थे। जैसे ही वे सुल्ताना बाईपास रोड पर पहुंचे, वहां पहले से मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और हमला कर दिया। डॉ. जितेंद्र का आरोप है कि हमलावरों के साथ कई महिलाएं भी मौजूद थीं। सभी ने मिलकर उन पर लाठियों से हमला किया, जिससे उन्हें – गंभीर चोटें आई हैं। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस – ने मामले की जांच शुरू कर दी।
आरटीआई कार्यकर्ता डॉ. जितेंद्र सिंह शेखावत ने सुल्ताना थाने में पूर्व चेयरमैन घीसाराम चांवरिया, उनके पुत्र रविंद्र, सूरज और अन्य सहयोगियों पर लाठी-डंडों से हमला करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है। जितेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने गांव के जोहड़, चारागाह और सड़क पर हुए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ राजस्थान उच्च न्यायालय में जनहित याचिका लगा रखी है। कोर्ट के आदेश के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटने पर उन्होंने अवमानना याचिका भी दायर की है। इसी को लेकर गुरुवार सुबह करीब 10 बजे आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। प्रशासन ने हटाए थे 25 अतिक्रमण : सुलताना जोडिया रोड स्थित गैर मुमकिन जोहड़ भूमि पर हाइकोर्ट के आदेशों की पालना में चिड़ावा तहसीलदार रामकुमार पूनिया के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने 25 कच्चे पक्के अतिक्रमण ध्वस्त किए थे। हालांकि, प्रशासन ने मानवीय आधार पर भूमिहीन परिवारों के रहवासी मकानों को फिलहाल नहीं छेड़ा है।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई घटना
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि ये सड़क किनारे खड़े होकर बिडदीचंद और राजू से बात कर रहे थे. इसी दौरान पूर्व सरपंच और चैयरमैन घीसाराम चांवरिया बाइक पर आया और उसके परिवार की महिलाओं समेत अन्य सदस्यों ने हमला कर दिया. इसी दौरान पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में घटना कैद हो गई. जानकारी मिलने के बाद सुल्ताना थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची.
कब्जा हटाने से नाराज था पूर्व सरपंच
पीड़ित ने बताया कि उसने हाईकोर्ट में अतिक्रमण के खिलाफ याचिका लगाई थी. इस मामले में हाईकोर्ट ने सुनवाई की और प्रशासन को खसरा संख्या-1090 से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे. इसी कार्रवाई से पूर्व सरपंच और उसका परिवार नाराज था. आरोपियों ने मौका पाकर जितेंद्र सिंह पर हमला कर दिया. आरटीआई कार्यकर्ता ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की हैं.