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⚖️ RTI कहां लगाई जा सकती है?

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(अनुच्छेद 12, Public Authority, न्यायालय की व्याख्या और निजी संस्थाओं पर लागू होने का संपूर्ण कानूनी विश्लेषण)

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI Act) नागरिकों को शासन एवं प्रशासन से संबंधित जानकारियाँ प्राप्त करने का वैधानिक अधिकार देता है।

🔷 प्रस्तावना :-

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI Act) नागरिकों को शासन एवं प्रशासन से संबंधित जानकारियाँ प्राप्त करने का वैधानिक अधिकार देता है। यह अधिकार केवल उन्हीं संस्थाओं पर लागू होता है जो “Public Authority” के अंतर्गत आती हैं।
यह समझने के लिए आवश्यक है कि संविधान किसे “राज्य” (State) मानता है तथा न्यायालयों ने किन मानदंडों के आधार पर निजी संस्थाओं सहित विभिन्न निकायों को “Public Authority” माना है।

🔵 1. संविधान का अनुच्छेद 12 — “राज्य” की परिभाषा

अनुच्छेद 12 के अनुसार “राज्य” में शामिल हैं—

  1. भारत सरकार और संसद
  2. राज्य सरकार और राज्य विधानमंडल
  3. सभी स्थानीय प्राधिकारी (Local Authorities)
  4. अन्य प्राधिकारी (Other Authorities)

👉 इन्हीं निकायों के विरुद्ध मूल अधिकार लागू होते हैं
और RTI भी इन्हीं पर लागू होती है।

🟠 2. स्थानीय प्राधिकारी (Local Authorities)

स्थानीय प्राधिकारी वे निकाय हैं जो—

नगर शासन

पंचायतें

कराधान

नागरिक सुविधाएँ

पानी, बिजली, सड़क, भवन अनुमति
आदि सार्वजनिक कार्य करते हैं।

इन सभी पर RTI लागू है—

नगर निगम

नगर पालिका

ग्राम पंचायत

पंचायत समिति

जिला परिषद

विकास प्राधिकरण (JDA, LDA आदि)

आवास बोर्ड

परिवहन निगम

जलदाय विभाग

बिजली वितरण निगम

🟣 3. अन्य प्राधिकारी (Other Authorities) — अत्यंत व्यापक अवधारणा “Other Authorities” की परिभाषा न्यायालय ने बहुत विस्तृत मानते हुए कहा है—

सरकारी नियंत्रण

सरकारी वित्तीय सहायता

सार्वजनिक कर्तव्य

सांविधिक कार्य

प्रशासनिक नियमन
इनमें से कोई भी तत्व मौजूद हो → संस्था State मानी जा सकती है।

इस प्रकार निम्न संस्थाएँ भी RTI के अंतर्गत आती हैं—

सरकारी कंपनियाँ (PSUs)

सभी आयोग विश्वविद्यालय/कॉलेज (सरकारी व अनुदान प्राप्त) सरकारी अस्पताल सहकारी समितियाँ (जहाँ सरकार नियंत्रण रखती हो)ट्रस्ट/सोसाइटियाँ जिनको 50% से अधिक सरकारी फंड मिलता हो

🔴 4. ‘State’ की न्यायालय द्वारा दी गई व्याख्या — Leading Cases

(A) उजमा बाई बनाम उत्तर प्रदेश (AIR 1962 SC 1621)

👉 सरकार का गहरा नियंत्रण और सार्वजनिक कार्य → “State”

(B) सुखदेव सिंह बनाम भगतराम (AIR 1975 SC 1331)

👉 LIC, ONGC, IFC जैसे बोर्ड “State” घोषित
⇒ इन पर RTI लागू

(C) यूनिवर्सिटी ऑफ मद्रास बनाम शांताबाई (AIR 1953 Mad 67)

👉 पहली बार विश्वविद्यालय को “State” माना गया

(D) Ajay Hasia v. Khalid Mujib (AIR 1981 SC 487) SC ने 6 टेस्ट दिए—
सरकारी फंडिंग, नियंत्रण, सार्वजनिक कार्य, प्रभुत्व, नियुक्तियों में सरकारी भूमिका ⇒ संस्था “State” होगी

(E) Pradeep Kumar Biswas (2002)

👉 जो भी संस्था Government Instrumentality है, वह State है

🟩 5. क्या निजी स्कूल/कॉलेज/हॉस्पिटल RTI के दायरे में आते हैं? (सबसे महत्वपूर्ण जोड़) ⚠️ महत्वपूर्ण — निजी स्कूल/कॉलेज/हॉस्पिटल RTI से “पूरी तरह” बाहर नहीं हैं

बहुत से लोग यह समझते हैं कि निजी स्कूल RTI के बाहर हैं, परंतु न्यायालय और RTI Act दोनों इस बात को स्वीकार करते हैं कि निजी संस्थाओं को भी RTI के दायरे में लाया जा सकता है, यदि वे निम्न मानदंड पूरा करते हैं—

🟦 A. सरकार से प्राप्त किसी भी प्रकार का सहयोग = RTI लागू हो सकती है

निजी स्कूल/कॉलेज अक्सर निम्न लाभ प्राप्त करते हैं—

सरकारी भूमि अत्यंत कम दर पर

सरकारी अनुदान (Grant-in-Aid)

80G/12A टैक्स छूट (यह Government support माना जाता है)

RTE Act के अंतर्गत 25% बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति

सरकारी छात्रवृत्ति UGC/AICTE/NCTE/State Board का कड़ा नियमन

👉 ये सभी “substantial government aid / control” माने जाते हैं। इसलिए ऐसे संस्थानों को RTI के दायरे में लाया जा सकता है।

🟧 B. निजी स्कूल पर RTI — न्यायालय के निर्णय

  1. DAV College Trust v. Director of Public Instructions (2019, Supreme Court)

👉 “Substantial Aid” प्राप्त निजी संस्था RTI के अधीन है।

  1. Thalappalam Co-op Bank v. State of Kerala (2013, Supreme Court)

👉 यदि सरकारी सहायता संस्था के संचालन को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर रही है
→ वह Public Authority है।

  1. Delhi High Court (2010 & 2013)

DDA द्वारा सस्ते दर पर भूमि मिलने वाला स्कूल भी RTI के अधीन। क्यों?

“Cheap land allotment is a form of indirect government financing.”

“सस्ती ज़मीन का आवंटन अप्रत्यक्ष सरकारी वित्तपोषण का एक रूप है।”

🟨 C. क्यों निजी शिक्षण संस्था Public Authority की अवधारणा में आती है?

क्योंकि—शिक्षा public duty है, सरकार द्वारा मान्यता/नियमन अनिवार्य सरकारी भूमि/अनुदान/फीस प्रतिपूर्ति टैक्स छूट सरकारी सहायता है इस प्रकार निजी संस्थान Article 12 के “Other Authorities” व RTI Act की धारा 2(h) में आते हैं।

🟥 D. निष्कर्ष: निजी स्कूल/कॉलेज RTI के बाहर नहीं हैं

✔️ जहाँ कहीं भी सरकारी सहायता/नियमन/फंडिंग हो → RTI लागू हो सकती है।
✔️ केवल पूर्णतः व्यावसायिक, बिना किसी सरकारी सहायता वाले संस्थान पर RTI सीधे लागू नहीं होती।
✔️ परन्तु ऐसी स्थिति में भी शिक्षा विभाग, CBSE, UGC आदि से सूचना प्राप्त की जा सकती है।

🟫 समग्र निष्कर्ष

RTI वहां लगाई जा सकती है जहाँ—संस्था “राज्य” (State) है,

संस्था Public Authority है

संस्था को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सरकारी सहायता मिलती हो

संस्था public duty निभाती हो

इसमें सरकारी विभागों के साथ-साथ कई निजी संस्थाएँ (विशेषकर शिक्षा संस्थान) भी शामिल हो सकती हैं।

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